क्या मिला तुझसे दिल लगाने से
मुहब्बत कर ली इक फ़साने से।
तनहा दिल;रुसवाई और सुर्ख आँखें
ये मिला तुझको आजमाने से।
भर गया दिल जो मेरी बातों से
छोड़ कर चल दिए बहाने से।
छोड़ना था तो चुपचाप छोड़ जाते हमें
ज़िक्र क्यूं कर दिया ज़माने से।
-शिव
मुहब्बत कर ली इक फ़साने से।
तनहा दिल;रुसवाई और सुर्ख आँखें
ये मिला तुझको आजमाने से।
भर गया दिल जो मेरी बातों से
छोड़ कर चल दिए बहाने से।
छोड़ना था तो चुपचाप छोड़ जाते हमें
ज़िक्र क्यूं कर दिया ज़माने से।
-शिव
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