Monday, August 5, 2013

Photo: खौफ तुम ना भरो दिल में मेरे; ऊँचे मुकामों का 
परिंदों को हुनर मालूम होता है उड़ानों का 

घटायें स्याह, गिरती बिजलियाँ, और बारिशें फिर भी 
मुझे सब हाल मालूम है इन ऊँचे आसमानों का 

इल्म की रौशनी है पास, जीने का सलीका है 
मुझे दरकार क्या है और; मैं मालिक हूँ खजानों का 

मज़ा क्या है अगर आसान हर इक राह लगती हो 
मुझे है शौक ऐ दुनिया नामुमकिन निशानों का 

दुआ मुझको जो देते हों जो सर पे हाथ हों रखते 
फ़रिश्ता नाम रखता हूँ मैं ऐसे मेहरबानों का 

-शिव
खौफ तुम ना भरो दिल में मेरे; ऊँचे मुकामों का 
परिंदों को हुनर मालूम होता है उड़ानों का 

घटायें स्याह, गिरती बिजलियाँ, और बारिशें फिर भी 
मुझे सब हाल मालूम है इन ऊँचे आसमानों का 

इल्म की रौशनी है पास, जीने का सलीका है 
मुझे दरकार क्या है और; मैं मालिक हूँ खजानों का 

मज़ा क्या है अगर आसान हर इक राह लगती हो 
मुझे है शौक ऐ दुनिया नामुमकिन निशानों का 

दुआ मुझको जो देते हों जो सर पे हाथ हों रखते 
फ़रिश्ता नाम रखता हूँ मैं ऐसे मेहरबानों का 

-शिव

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