मैं जानता हूँ
तू मुझसे खफ़ा खफ़ा सा रहता है
नज़र नज़र मिली जहाँ
छुपा छुपा सा रहता है
और मैं भी देख तो
खुश कहाँ ग़मगीन हूँ
जाने क्यूं मेरा भी दिल
भरा भरा सा रहता है
तेरे मेरे दरमियाँ
बस आबरू का ये पर्दा
मुस्कुराता रहता है
तू खफ़ा है मैं दुखी
बस भरम है हर ख़ुशी
फिर भी देख तो ज़रा
ये सब छुपाता रहता है
आबरू का ये पर्दा
अपना अब सहारा है
ये ही तल्ख़ रिश्तों का
सूखा हुआ धारा है
तेरी मेरे जीवन का
ये ही बस किनारा है
-शिव
तू मुझसे खफ़ा खफ़ा सा रहता है
नज़र नज़र मिली जहाँ
छुपा छुपा सा रहता है
और मैं भी देख तो
खुश कहाँ ग़मगीन हूँ
जाने क्यूं मेरा भी दिल
भरा भरा सा रहता है
तेरे मेरे दरमियाँ
बस आबरू का ये पर्दा
मुस्कुराता रहता है
तू खफ़ा है मैं दुखी
बस भरम है हर ख़ुशी
फिर भी देख तो ज़रा
ये सब छुपाता रहता है
आबरू का ये पर्दा
अपना अब सहारा है
ये ही तल्ख़ रिश्तों का
सूखा हुआ धारा है
तेरी मेरे जीवन का
ये ही बस किनारा है
-शिव
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